11 अगस्त: नालागढ़ के नंगल में सोमवार को दिनदहाड़े कबाड़ कारोबारी पर फायरिंग की कोशिश का मामला सामने आया। बिना नंबर की बाइक पर पहुंचे दो नकाबपोश बदमाशों ने कारोबारी के बेटे पर पिस्टल तानकर तीन बार गोली चलाने का प्रयास किया, लेकिन हर बार पिस्टल से फायर नहीं हुआ। इसके बाद दोनों आरोपी बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही बद्दी पुलिस ने पूरे क्षेत्र में नाकेबंदी कर दी। पुलिस की मुस्तैदी के चलते वारदात के करीब आधे घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को ढेरोंवाल बैरियर के पास हथियारों समेत गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के कब्जे से दो पिस्टल और 15 जिंदा रौंद बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जसप्रीत सिंह पुत्र स्वतंत्र सिंह निवासी जिला कैथल और मनप्रीत सिंह पुत्र गुरचरण सिंह निवासी जिला संगरूर, पंजाब के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों के कुख्यात गैंगस्टर पवन कौशल चौधरी गैंग से जुड़े होने की बात सामने आई है।
जानकारी के अनुसार नंगल निवासी वीर कुमार गुप्ता की दभोटा रोड पर कबाड़ की दुकान है। सोमवार सुबह उनका बेटा हर्षराज दुकान पर मौजूद था। इसी दौरान काले रंग की बिना नंबर वाली मोटरसाइकिल पर दो नकाबपोश युवक वहां पहुंचे। एक आरोपी बाइक से उतरकर दुकान के पास आया और पिस्टल निकालकर हर्षराज पर तान दी। आरोपी ने लगातार तीन बार फायर करने की कोशिश की, लेकिन गोली नहीं चली।
फायरिंग में सफलता नहीं मिलने पर दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से नालागढ़ की तरफ फरार हो गए। सूचना मिलते ही एसपी बद्दी विनोद धीमान के निर्देश पर विशेष पुलिस टीमें गठित की गईं। एसएचओ नालागढ़ राकेश राय की अगुवाई में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर आरोपियों के संभावित भागने के रास्तों पर घेराबंदी की और कुछ ही देर में दोनों को दबोच लिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कबाड़ कारोबारी को करीब एक महीने पहले वर्चुअल नंबर के जरिए धमकी देकर फिरौती मांगी गई थी। अब फायरिंग की कोशिश के मामले को उस धमकी से जोड़कर भी जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों के संपर्कों, गैंग नेटवर्क और वारदात के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने में जुटी है।
दोनों आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी रिमांड की मांग करेगी। मामले में आगे की जांच जारी है।