31 जुलाई: जिले में विकास परियोजनाओं को गति देने और वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) के तहत लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार को उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक उपायुक्त कार्यालय के वीडियो कॉन्फ्रेंस हॉल में हुई, जिसमें विभिन्न विभागों से संबंधित एफसीए प्रस्तावों की प्रगति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित सभी औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए एफसीए मामलों का समयबद्ध निस्तारण जरूरी है।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों से कहा कि वन भूमि से जुड़े प्रस्ताव पूर्ण दस्तावेजों के साथ समय पर प्रस्तुत किए जाएं। साथ ही लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि वन भूमि से संबंधित प्रत्येक मामले में वन संरक्षण अधिनियम और अन्य प्रासंगिक नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृति प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो और मामलों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाया जाए।
बैठक का संचालन एसीएफ (मुख्यालय) नवजोत ने किया। उन्होंने जिले में लंबित एफसीए प्रस्तावों की वर्तमान स्थिति और विभिन्न विकास परियोजनाओं से जुड़े मामलों की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में डीएफओ मंडी संजीव शर्मा मौजूद रहे। इसके अलावा एसीएफ सुकेत राकेश कटोच, डीएफओ नाचन एस.एस. कश्यप, डीएफओ जोगिंद्रनगर अश्विनी कुमार और डीएफओ करसोग वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए। लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, शिक्षा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।