25 जुलाई: विधायक सुरेश कुमार ने शुक्रवार को उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी के समीप स्थापित बायो-चार प्लांट का शुभारंभ किया। वन विभाग, महाविद्यालय प्रशासन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत प्रो क्लाइम कंपनी के संयुक्त सहयोग से स्थापित इस प्लांट की तकनीक आईआईटी के विशेषज्ञों द्वारा विकसित की गई है।
इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार ने कहा कि प्लांट में चीड़, लैंटाना और अन्य पेड़-पौधों की पत्तियों से बायो-चार तैयार किया जाएगा, जिसका उपयोग जैविक खाद बनाने में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लगभग डेढ़ टन क्षमता वाला यह प्लांट पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए आय का नया स्रोत भी बनेगा। ग्रामीण चीड़ और अन्य पेड़ों की सूखी पत्तियां एकत्रित कर आर्थिक लाभ कमा सकेंगे। साथ ही इससे प्रदेश को कार्बन क्रेडिट का भी लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि यह प्लांट उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए शोध कार्य का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। भविष्य में जाहू सहित अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के बायो-चार प्लांट स्थापित करने की योजना है।
कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के अरण्यपाल निशांत मंढोत्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए प्लांट की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। आईआईटी रुड़की, प्रो क्लाइम कंपनी तथा पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों ने भी प्लांट की तकनीक और इसके लाभों पर विस्तार से जानकारी साझा की।
इस मौके पर कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव डॉ. सुशील कुमार सिंगला, प्रो क्लाइम कंपनी के सीईओ केविन कंडासामी, उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय के डीन डॉ. रमेश भारद्वाज सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।