24 जुलाई, तरसेम जरयाल : राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में शुक्रवार को मानसिक स्वास्थ्य, योग एवं फिटनेस क्लब के सौजन्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कांगड़ा तथा जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (DMHP), कांगड़ा के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, तनाव प्रबंधन, सकारात्मक जीवनशैली अपनाने और कानूनी अधिकारों की जानकारी देना था।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव और अवसाद के शुरुआती लक्षणों की पहचान, समय पर परामर्श लेने की आवश्यकता तथा योग, ध्यान और नियमित व्यायाम के लाभों पर विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही विद्यार्थियों को मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य, महिला एवं बाल संरक्षण कानून, साइबर अपराधों से बचाव, नशा उन्मूलन, सड़क सुरक्षा और निःशुल्क विधिक सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों से भी अवगत कराया गया।
विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मानसिक स्वास्थ्य और कानूनी विषयों से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल और व्यावहारिक ढंग से समाधान किया। इस दौरान विद्यार्थियों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को छिपाने के बजाय समय रहते विशेषज्ञों से परामर्श लेने तथा अपने साथियों और परिवार के प्रति संवेदनशील रहने का आह्वान किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से योग, नियमित व्यायाम और सकारात्मक सोच को जीवन का हिस्सा बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करते हैं।
महाविद्यालय प्रशासन ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कांगड़ा तथा जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया, प्रो. नरेश कुमार, डॉ. मोनिका मक्कड़, डॉ. पूजा दीवान, डॉ. दीपिका ठाकुर, प्रो. सुमिता, प्रो. शैफाली, प्रो. नीरज कौशल सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।