24 जुलाई: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को हिमाचल बायोडायवर्सिटी स्टेकहोल्डर-लेड कंजरर्वेशन यूनिफाइड (हाइबिस्कस) योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्य जैव विविधता बोर्ड ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वन विभाग को दो करोड़ रुपये की राशि भी जारी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाइबिस्कस योजना का उद्देश्य स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी से पारिस्थितिकी तंत्र की पुनर्बहाली, जैव विविधता संरक्षण और जैविक संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने इसे हिमाचल की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण और ग्रामीण समुदायों के लिए सतत आजीविका के नए अवसर सृजित करने वाली ऐतिहासिक पहल बताया।
उन्होंने कहा कि यह योजना पारिस्थितिकी पुनर्बहाली, जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन क्षमता बढ़ाने, औषधीय पौधों के संरक्षण तथा बाजार आधारित गतिविधियों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। योजना से प्रदेश के करीब दो लाख किसान और 10 हजार सामुदायिक समूह लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और समुदाय आधारित प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी। साथ ही जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने में भी सहायक होगी।
योजना के तहत जैव विविधता प्रबंधन समितियों को सशक्त बनाया जाएगा। इसके अलावा प्राथमिकता वाले औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा, प्राकृतिक आवासों की गुणवत्ता में सुधार, नर्सरी विकास, क्षमता निर्माण तथा बाजार से जुड़े आजीविका के अवसर विकसित किए जाएंगे। वन, सामुदायिक, निजी और कृषि भूमि पर पौधारोपण को भी इस योजना के तहत प्रोत्साहित किया जाएगा।