4 मई: हिमाचल प्रदेश में मई के महीने में भी मौसम सर्द बना हुआ है और लगातार खराब हो रहा है। एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर बारिश, ओलावृष्टि और अंधड़ ने किसानों और बागवानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
पिछले दो दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और आंधी के चलते भारी नुकसान हुआ है। शिमला, नाहन, बिलासपुर और ऊना सहित कई क्षेत्रों में पेड़ गिरने और भवनों को नुकसान की खबरें हैं। शिमला के रिज मैदान पर तेज अंधड़ से अफरातफरी मच गई, जबकि कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे रोहतांग दर्रा, किन्नौर, चूड़धार और धौलाधार की चोटियों पर हल्का हिमपात दर्ज किया गया है, जिससे तापमान में गिरावट आई है। सोमवार सुबह से शिमला में घने बादल छाए हुए हैं।
बारिश और ओलावृष्टि के कारण अपर शिमला में सेब की फसल और अन्य जिलों में गुठलीदार फलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मंडी में घने कोहरे के कारण दृश्यता घटकर 800 मीटर रह गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
उपमंडल रामपुर की भड़ावली और तकलेच पंचायतों में ओलावृष्टि से सेब, नाशपाती सहित फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सोलन में ट्रांसफार्मर में शॉर्ट सर्किट से आग लगने के कारण लंबे समय तक बिजली गुल रही। वहीं, धर्मपुर रेलवे स्टेशन के पास तेज अंधड़ से पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ।
कई जिलों में बिजली के तार टूटने और पेड़ गिरने से ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही। कांगड़ा के नलसुआ क्षेत्र में बिजली गिरने से पेड़ में आग लग गई, जिससे दो मवेशियों की मौत हो गई।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार सोमवार और मंगलवार को प्रदेश में बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 6 और 7 मई के लिए येलो अलर्ट रहेगा। 8 और 9 मई को भी उच्च और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम खराब रहने का अनुमान है।
जोगिंद्रनगर क्षेत्र में तेज अंधड़ के दौरान उड़ती टीन की चादर गिरने से एक बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
कुल मिलाकर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट लेकर जनजीवन को प्रभावित किया है और आने वाले दिनों में भी राहत मिलने के आसार कम नजर आ रहे हैं।