29 अप्रैल: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव की घोषणा के साथ ही आरक्षण रोस्टर की स्थिति भी स्पष्ट हो गई है। राज्य की 3758 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के लिए चुनाव होंगे। इनमें अनुसूचित जाति के लिए 453, अनुसूचित जाति महिला के लिए 508, अनुसूचित जनजाति के लिए 138, अनुसूचित जनजाति महिला के लिए 151, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 116 और अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए 146 पद आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा 1095 पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं, जबकि 1151 पद अनारक्षित रखे गए हैं।
इस प्रकार कुल मिलाकर 1900 प्रधान पदों पर महिलाओं के बीच मुकाबला होगा। राज्य चुनाव आयुक्त Anil Khachi के अनुसार उपप्रधान पद के लिए कोई आरक्षण नहीं रखा गया है।
ग्राम पंचायत सदस्य पदों के लिए राज्यभर में 21678 सीटों पर चुनाव होगा। इनमें अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए बड़ी संख्या में सीटें आरक्षित की गई हैं। कुल 7916 सीटों पर महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगी, जबकि 6652 सीटें अनारक्षित हैं।
इसके अलावा, राज्य के 96 विकास खंडों में पंचायत समिति के 1769 पदों पर भी चुनाव होंगे। इनमें 919 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। वहीं जिला परिषद के 251 पदों में से 128 सीटों पर महिला उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा।
इस बार के आरक्षण रोस्टर ने चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं, जिससे कई दावेदारों की रणनीतियों पर असर पड़ा है।