16 सितम्बर: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सलोल में पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के तत्वावधान में विद्यार्थी संस्कार शिविर के तहत नि:शुल्क योग शिविर का आयोजन किया गया। योगाचार्य एवं पूर्णकालिक सेवाव्रती रजनेश कुमार ने विद्यार्थियों को विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास करवाया। शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
योग प्रचारक रजिन्द्र सिंह ने बताया कि शिविर में विद्यार्थियों को अष्टांग योग के महत्व से अवगत करवाया गया। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से यम-नियम का पालन करते हुए आसन और प्राणायाम के जरिए प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि की ओर बढ़ा जा सकता है। विद्यार्थियों को जंक फूड, मैदे से बनी वस्तुओं और कोल्ड ड्रिंक जैसे पेय पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी गई। साथ ही श्रीमद्भगवद्गीता और रामायण के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों को योगिंग-जॉगिंग, सूर्य नमस्कार, सूक्ष्म व्यायाम और विभिन्न आसनों का अभ्यास करवाया गया। इसके अलावा भस्त्रिका, कपालभाति, उज्जायी और अनुलोम-विलोम प्राणायाम भी करवाए गए। विद्यार्थियों को नियमित योग और संतुलित दिनचर्या के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
योग शिविर में दैनिक दिनचर्या, खान-पान, अध्यात्म और गुरु महिमा पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि माता-पिता के बाद गुरु जीवन को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण द्वारा गुरु आश्रम में शिक्षा ग्रहण करने का उदाहरण देते हुए गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
स्कूल के प्रधानाचार्य सुमन कुमार धीमान ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महर्षि पतंजलि ने योग दर्शन में योग को विशेष महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी विभिन्न प्रकार के नशों और अन्य समस्याओं की चपेट में आ रही है। ऐसे में योग और अनुशासित दिनचर्या बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
योग शिक्षक प्रदीप बलौरिया ने कहा कि यदि योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए तो बच्चों में अनुशासन, संस्कार और स्वस्थ जीवनशैली का विकास किया जा सकता है। पंचायत प्रधान कुलदीप और पूर्व उपप्रधान सुनील कुमार ने भी अपने विचार रखे।
शिविर में उपप्रधानाचार्य मनमोहन सिंह सहित स्कूल स्टाफ के सीताराम, दिनेश, रीना और रोमिका पटियाल तथा स्वेता, साक्षी, जानवी, श्रुति, भावना, हर्ष, तक्षक, निखिल और अरय्यन सहित कुल 145 छात्र-छात्राओं एवं स्कूल स्टाफ ने योग की विभिन्न क्रियाओं को सीखा और उन्हें अपनी दिनचर्या में अपनाने का संकल्प लिया। शिविर का समापन सिंहासन, हास्यासन और शांति पाठ के साथ हुआ।
योगाचार्य रजनेश कुमार ने योग दीक्षा के 20 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर स्कूल परिसर में स्टाफ और विद्यार्थियों के साथ आंवले का औषधीय पौधा भी रोपा। उन्होंने बताया कि यह उनके द्वारा लगाया गया 285वां आंवले का पौधा है।