25 सितम्बर:जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी), मंडी द्वारा रेशम पालन विभाग के सहयोग से रैम्प परियोजना के सोशल इन्क्लूजन घटक के तहत निटकोन लिमिटेड के माध्यम से संधोल में फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रेशम पालन से जुड़े करीब 45 लाभार्थियों और उद्यमियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में केंद्रीय रेशम बोर्ड के संयुक्त निदेशक डॉ. उमेश, रेशम पालन अधिकारी पंकज रघुवंशी, वैज्ञानिक डॉ. जे.यू. रहमान, पंजाब नेशनल बैंक मंडी के एलडीएम चंदर प्रकाश तथा उद्योग विभाग, धर्मपुर के ईओ अक्षय शर्मा सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मीट के दौरान प्रतिभागियों को बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, उद्यम पंजीकरण, बीमा, उद्यम विकास और बाजार संपर्क से संबंधित जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने रेशम पालन से जुड़ी गतिविधियों को व्यावसायिक रूप देने तथा उपलब्ध वित्तीय एवं संस्थागत सहायता का लाभ उठाने के लिए प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
लाभार्थियों और उद्यमियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर वित्तीय सहायता, रेशम आधारित गतिविधियों के विस्तार और उद्यम संचालन से जुड़ी समस्याएं एवं सवाल साझा किए। विशेषज्ञों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य रेशम पालन से जुड़े लाभार्थियों को वित्तीय एवं संस्थागत सहायता के विकल्पों की जानकारी देना, वित्तीय समावेशन एवं उद्यमिता को बढ़ावा देना तथा रेशम आधारित गतिविधियों के माध्यम से स्थायी आजीविका के अवसरों को मजबूत करना रहा।