22 जून, तरसेम जरयाल : सपना कुमारी (पत्नी विनोद कुमार), निवासी गांव रूल्हेड़, डाकघर बोह, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा की सफलता की कहानी मेहनत, लगन और पारिवारिक सहयोग का प्रेरणादायक उदाहरण है।
बचपन से ही पढ़ाई में प्रतिभाशाली रहीं सपना कुमारी का पालन-पोषण उनकी नानी ने किया। उनके मामा विष्णु ने शिक्षा के प्रति उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपना सबसे बड़ा लक्ष्य बनाया।
सपना की मां ने उन्हें स्नातक तक की पढ़ाई पूरी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विवाह के बाद ससुराल परिवार ने भी उनका पूरा साथ दिया और उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया। परिवार के सहयोग से उन्होंने एम.ए. अंग्रेज़ी, एम.ए. इतिहास और बी.एड. जैसी डिग्रियां हासिल कीं।
अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर सपना कुमारी ने अब एक सीबीएसई स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियां भी उस व्यक्ति का रास्ता नहीं रोक सकतीं, जिसके पास मेहनत करने का जज्बा और परिवार का साथ हो।
सपना कुमारी की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो चुनौतियों के बीच भी अपने सपनों को साकार करने का संकल्प रखते हैं।