23 जून : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर अपने आधिकारिक निवास ‘ओक ओवर’ से ओलंपिक मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दौड़ सीटीओ मार्ग से होते हुए इंदिरा गांधी खेल परिसर शिमला में संपन्न हुई। मैराथन में पुरुष एवं महिला वर्ग के करीब 200 खिलाड़ियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि खेल भी शिक्षा का एक महत्वपूर्ण स्वरूप हैं और जिस प्रकार विद्यार्थी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं, उसी तरह खिलाड़ियों को भी खेलों में उपलब्धियां हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश में ‘खेलो इंडिया’ प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए लगातार प्रयासरत है। युवाओं के हित में बिलासपुर, कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर जिलों में खेल अवसंरचना को मजबूत किया गया है। इसके अलावा हमीरपुर जिले के नादौन में 150 करोड़ रुपये की लागत से उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जिसके इस वर्ष अक्तूबर तक पूरा होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास करते हैं, जो जीवन में सफलता के लिए बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने युवाओं से राज्य सरकार के नशा विरोधी अभियान का समर्थन करने और नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान भी किया।
सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए नकद पुरस्कार राशि में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। ओलंपिक, पैरालंपिक और शीतकालीन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अब पांच करोड़ रुपये दिए जाएंगे। एशियाई और पैरा एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि बढ़ाकर चार करोड़ रुपये तथा राष्ट्रमंडल और पैरा राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए तीन करोड़ रुपये कर दी गई है।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक हरीश जनारथा, युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के निदेशक शिवम प्रताप सिंह, हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के महासचिव राजेश शांडिल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।