13 जुलाई: केरल के वायनाड में हुए भीषण भूस्खलन ने हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के एक परिवार को गहरा सदमा दिया है। भूस्खलन के बाद से लापता चल रहे फतेहपुर उपमंडल के इंजीनियर विक्रम राणा का शव छह दिन बाद मलबे से बरामद कर लिया गया। इस दुखद खबर के सामने आते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, कांगड़ा जिले के फतेहपुर उपमंडल की ग्राम पंचायत टकोली घिरथा निवासी 50 वर्षीय विक्रम राणा, पुत्र रंजीत सिंह, डीबीएल कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। वह काम के सिलसिले में केरल के वायनाड में तैनात थे। बताया गया कि 7 जुलाई की सुबह करीब 11:09 बजे उनकी परिवार से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। इसके कुछ ही समय बाद वायनाड में भीषण भूस्खलन हुआ, जिसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और उनसे संपर्क टूट गया।
घटना के बाद से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), सेना और अन्य बचाव एजेंसियां लगातार उनकी तलाश में जुटी थीं। रविवार सुबह करीब 11:30 बजे तलाशी अभियान के दौरान मीनाचिल पुल से लगभग 350 मीटर नीचे नदी किनारे उनका शव बरामद किया गया। इसके साथ ही इस भूस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। विक्रम राणा इस हादसे के आखिरी लापता व्यक्ति थे, जिनकी तलाश जारी थी।
यह हादसा वायनाड और कोझिकोड जिलों को जोड़ने वाली प्रस्तावित अनाक्कोम्पोयिल-मेप्पाडी सुरंग परियोजना स्थल पर हुआ था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पांच दिनों तक चले तलाशी अभियान के बाद रविवार को विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें एनडीआरएफ, विशेष अभियान समूह, दमकल विभाग, त्वरित प्रतिक्रिया दल, वन विभाग और युवा स्वयंसेवी संगठनों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।