7 जुलाई: राजधानी शिमला के लोअर बाजार में अतिक्रमण हटाने के लिए सोमवार को नगर निगम द्वारा चलाए गए अभियान के दौरान सीटीओ चौक पर जमकर हंगामा हुआ। कार्रवाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में तहबाजारी सीटीओ चौक पर एकत्रित हो गए और सड़क पर बैठकर नगर निगम व पुलिस की टीम का रास्ता रोक दिया। इससे कुछ समय के लिए मुख्य मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे तहबाजारियों का कहना था कि नगर निगम बिना किसी स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें हटाना चाहता है, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा। उनका कहना था कि वे वर्षों से छोटे कारोबार के जरिए अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि उन्हें लोअर बाजार से न हटाया जाए और बातचीत के माध्यम से कोई व्यवहारिक समाधान निकाला जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आजीविका भवन में स्थानांतरित होने का प्रस्ताव व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि वहां पहले से कारोबार प्रभावित है और पर्याप्त आय नहीं हो पा रही। उनका स्पष्ट कहना था कि उचित स्थान उपलब्ध होने तक वे यहां से नहीं हटेंगे।
नगर निगम और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर सड़क खाली करवाई। हालांकि इसके बाद भी तहबाजारी नगर निगम की टीम के साथ नारेबाजी करते हुए शेर-ए-पंजाब तक पहुंचे। इस दौरान नगर निगम की टीम ने लोअर बाजार में सड़क और निकास नालियों पर सामान सजाने वाले चार दुकानदारों का सामान जब्त किया। इसके बाद अभियान मॉल रोड, लक्कड़ बाजार और आईजीएमसी क्षेत्र तक चलाया गया, जहां 10 अन्य तहबाजारियों का सामान भी जब्त किया गया। पहले दिन कुल 14 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार पहले दिन केवल चेतावनी देने की योजना थी, लेकिन विरोध और कार्रवाई में बाधा डालने के कारण नियमानुसार सामान जब्त करना पड़ा। निगम ने अदालत के आदेशों के तहत पुलिस की मौजूदगी में तीन दिन तक विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। निगम ने स्पष्ट किया है कि दुकानों के बाहर या निकास नालियों पर सामान रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। ऐसे मामलों में नगर निगम आयुक्त जुर्माना भी तय करेंगे, जबकि सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त आयुक्त डॉ. भूवन शर्मा ने कहा कि नगर निगम पहले ही पत्र और नोटिस जारी कर तहबाजारियों को स्थानांतरित होने के निर्देश दे चुका है। इसके बावजूद यदि कोई कार्रवाई में बाधा डालता है या नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।