7 जुलाई: जिला कुल्लू में मानसून की दस्तक के साथ ही ब्यास नदी और अन्य नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने लगा है। सैलानियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने ब्यास नदी में होने वाली रिवर राफ्टिंग पर अगले आदेशों तक अस्थायी रोक लगा दी है। मौसम विभाग की ओर से मौसम सामान्य होने की सूचना मिलने तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा।
हर वर्ष बरसात के मौसम में सुरक्षा कारणों से 15 जुलाई से 15 सितंबर तक दो महीने के लिए ब्यास नदी में रिवर राफ्टिंग बंद रहती है। इस दौरान नदी का जलस्तर काफी बढ़ जाता है, जिससे राफ्टिंग के दौरान हादसों की आशंका बनी रहती है।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी रोहित शर्मा ने बताया कि रिवर राफ्टिंग एक्ट-2005 के प्रावधानों के तहत यह निर्णय लिया गया है। मौसम विभाग ने कुल्लू जिले के लिए आगामी दिनों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते नदी-नालों के उफान पर आने और ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। उन्होंने बताया कि उपायुक्त कुल्लू के निर्देशों पर रेगुलेटरी कमेटी ने ब्यास नदी में रिवर राफ्टिंग को अगले आदेशों तक बंद रखने का फैसला लिया है।