7 जुलाई: धर्मशाला के नरघोटा में 24 जून को हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 29 वर्षीय अक्षय कौड़ा को न्याय दिलाने की मांग अब तेज होती जा रही है। सोमवार को परिजनों, दोस्तों, स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने धर्मशाला कॉलेज चौक से कचहरी चौक तक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला। हाथों में मोमबत्तियां और ‘जस्टिस फॉर अक्षय’ लिखी तख्तियां लेकर सैकड़ों लोगों ने दिवंगत अक्षय को श्रद्धांजलि अर्पित की और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
कैंडल मार्च के दौरान भावुक माहौल देखने को मिला। अक्षय की मां और बहन ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि उनका इकलौता बेटा और परिवार का सबसे बड़ा सहारा हमेशा के लिए उनसे छिन गया। उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष केवल अपने बेटे को न्याय दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी है कि भविष्य में किसी अन्य परिवार को प्रशासनिक लापरवाही की कीमत अपने प्रियजन की जान देकर न चुकानी पड़े।
परिजनों के अनुसार अक्षय कौड़ा परिवार का इकलौता बेटा और एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। वह शेयर मार्केट की कोचिंग देने के साथ-साथ परफ्यूम का कारोबार भी करता था। चार महीने पहले ही उसने नई एमजी हैक्टर कार खरीदी थी और हादसे के अगले ही दिन एक अन्य नई गाड़ी का पंजीकरण करवाने वाला था। परिवार का कहना है कि मेहनत और सपनों से भरी उसकी जिंदगी एक दर्दनाक हादसे में खत्म हो गई।
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि यह लड़ाई केवल अक्षय के लिए नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति की सुरक्षा के लिए है जो रोजाना सड़कों पर सफर करता है।
परिवार के सदस्य शिवेक कौड़ा ने बताया कि कैंडल मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है, जिससे परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। उन्होंने बताया कि प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई है।