2 सितंबर: जिले में मूसलाधार बारिश के चलते रूण नदी में अचानक आई बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया। नाहन विकास खंड की बर्मा पापड़ी पंचायत में नदी के तेज बहाव के बीच फंसे दो लोगों को बचाने के लिए कई घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर की मदद से एक बुजुर्ग को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि उन्हें बचाने नदी में उतरे युवक को भी बाद में रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम बर्मा पापड़ी निवासी बुजुर्ग बनारसी दास पुत्र मुख्तयार सिंह अचानक बढ़े जलस्तर के कारण रूण नदी के बीच फंस गए। बुजुर्ग को फंसा देख गांव का युवक अंशुल, जो जल शक्ति विभाग में कार्यरत है, उन्हें बचाने के लिए नदी में उतर गया। हालांकि तेज बहाव के कारण अंशुल भी नदी के बीच फंस गया।
सूचना मिलते ही प्रशासन, दमकल विभाग और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं। नदी का बहाव इतना तेज था कि बचाव दल के लिए सीधे नदी में उतरना संभव नहीं था। ड्रोन की मदद से दोनों तक रस्सी पहुंचाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन तेज बहाव और खराब मौसम के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो सका।
स्थिति गंभीर होने पर स्थानीय विधायक अजय सोलंकी ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से संपर्क किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सेना से सहायता मांगी गई। इसके बाद सहारनपुर बेस से नाइट विजन क्षमता वाला वायुसेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर मौके पर पहुंचा।
एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान ने बताया कि रात करीब 8:15 बजे वायुसेना के कमांडोज ने बुजुर्ग बनारसी दास को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें सहारनपुर ले जाया गया, जहां आर्मी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। वहीं रात करीब 9 बजे नदी का जलस्तर कुछ कम होने के बाद रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत कर युवक अंशुल को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल भी मौके पर मौजूद रहे और अभियान की निगरानी करते रहे। ऑपरेशन सफल होने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने फोन पर अंशुल से बात कर उसका कुशलक्षेम जाना और उसकी बहादुरी की सराहना की।