10 जून : आगामी मानसून सीजन को देखते हुए कांगड़ा जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त कार्यालय परिसर स्थित एनआईसी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में आयोजित मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कहा कि बरसात शुरू होने से पहले जिले में कूहलों, नालियों और अन्य जल निकासी तंत्रों की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को जलभराव और सड़कों को होने वाले नुकसान से बचाव के लिए प्रभावी ड्रेनेज व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में लोक निर्माण विभाग को भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील सड़कों और स्थलों की पहचान कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लोक निर्माण, जल शक्ति और विद्युत विभागों को जेसीबी मशीनों, उपकरणों और अन्य आवश्यक संसाधनों को पहले से तैयार रखने को कहा गया है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
उपायुक्त ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को दुर्गम क्षेत्रों में आवश्यक खाद्य सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं स्वास्थ्य विभाग को जीवनरक्षक एवं आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने को कहा गया है।
हेमराज बैरवा ने बताया कि जिला और उपमंडल स्तर पर आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे, जिससे किसी भी आपदा संबंधी सूचना पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा सभी विभागों को मानसून अवधि के दौरान आपदा प्रबंधन कार्यों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
उन्होंने सभी उपमंडल अधिकारियों को पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों और संबंधित विभागों के साथ बैठकें आयोजित कर स्थानीय स्तर पर तैयारियों की समीक्षा करने तथा लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को भी निर्देशित किया कि आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए उपयोग किए जा सकने वाले स्कूल भवनों की सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्कूल भवनों की जानकारी भी समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने को कहा गया है।
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी शिल्पी बेक्टा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जबकि जिले के सभी उपमंडलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।