14 जुलाई: भोरंज के विधायक सुरेश कुमार ने हमीर भवन में जिला के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर मानसून सीजन के दौरान आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जन-धन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
उन्होंने निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारी 24 घंटे सतर्क रहें और अपने मोबाइल फोन चालू रखें। भूस्खलन, जलभराव, सड़क अवरोध और अन्य संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध रहें।
विधायक ने लोक निर्माण विभाग को सड़कों के किनारे तथा सरकारी और निजी भवनों के आसपास खतरनाक पेड़ों की पहचान कर उन्हें तुरंत हटाने और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। वहीं, जल शक्ति विभाग को पेयजल योजनाओं के स्रोतों और पाइपलाइनों का नियमित निरीक्षण कर किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों और अन्य जरूरी संसाधनों का पर्याप्त भंडारण बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही तिरपाल, कंबल और अन्य राहत सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने पर भी जोर दिया, ताकि आपदा प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता मिल सके।
सुरेश कुमार ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में आपदा आने पर राहत एवं पुनर्वास कार्य बिना देरी शुरू किए जाएं। प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविरों में पेयजल, बिजली, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने राजस्व विभाग के फील्ड कर्मचारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान होने वाले हर छोटे-बड़े नुकसान की रिपोर्ट तुरंत जिला प्रशासन को भेजें, ताकि राहत और मुआवजा देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
बैठक में उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने मानसून सीजन के लिए किए गए प्रबंधों की जानकारी दी। इस दौरान पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह, एसडीएम संजीत सिंह, सहायक आयुक्त चिराग शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।