1 जून, रवि दत्त भारद्वाज : सिरमौर जिले के शिलाई विधानसभा क्षेत्र के गांव मिल्ला के वीर सपूत रविंद्र राणा ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) पर सफलतापूर्वक पहुंचकर हिमाचल प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। भारतीय सेना की 9 पैरा स्पेशल फोर्सेज के सदस्य और वर्तमान में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) में सेवाएं दे रहे रविंद्र राणा ने अपनी टीम के साथ यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
रविंद्र राणा एनएसजी की 16 सदस्यीय विशेष टीम का हिस्सा थे, जिसने नेपाल की राजधानी काठमांडू से अभियान शुरू कर मात्र 20 दिनों में माउंट एवरेस्ट की चोटी तक पहुंचने का कीर्तिमान स्थापित किया। एवरेस्ट जैसे चुनौतीपूर्ण पर्वत पर इतनी कम अवधि में सफल आरोहण को पर्वतारोहण जगत में बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
एवरेस्ट शिखर पर पहुंचने के बाद रविंद्र राणा और उनकी टीम ने तिरंगा तथा 9 पैरा स्पेशल फोर्सेज का ध्वज फहराया। इस दौरान पूरी टीम ने राष्ट्रीय गान गाया और “भारत माता की जय” के नारों से शिखर को गुंजायमान कर दिया।
पूर्व सैनिक स्वर्गीय उदेय राणा के पुत्र रविंद्र राणा पिछले करीब 11 वर्षों से 9 पैरा स्पेशल फोर्सेज में सेवाएं दे रहे हैं। कठिन मौसम, ऑक्सीजन की कमी और बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच उन्होंने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए यह उपलब्धि हासिल की।
रविंद्र राणा की सफलता से पूरे गिरिपार क्षेत्र, सिरमौर और हिमाचल प्रदेश में खुशी की लहर है। क्षेत्रवासियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है। उनकी इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण के बल पर किसी भी ऊंचाई को हासिल किया जा सकता है।