20 अप्रैल: महिला आरक्षण विधेयक को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को सरकार की वैचारिक प्रतिबद्धता बताते हुए विपक्ष पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस और ‘इंडी’ गठबंधन पर आरोप लगाया कि उन्होंने वर्षों तक महिला आरक्षण की बात तो की, लेकिन उसे लागू नहीं किया। उन्होंने विपक्ष के रवैये को “ऐतिहासिक विश्वासघात” करार देते हुए कहा कि जब एक मजबूत और संवैधानिक रूप से तैयार व्यवस्था सामने आई, तो विपक्ष ने सहयोग करने के बजाय प्रक्रिया संबंधी आपत्तियां उठाईं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य शासन और नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करना है। उनके अनुसार, यह कदम देश में महिला सशक्तीकरण को नई दिशा देगा।
उन्होंने आगे कहा कि जब देश इस महत्वपूर्ण बदलाव के लिए तैयार था, तब विपक्ष ने समर्थन देने के बजाय बाधाएं खड़ी कीं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दल महिलाओं के सशक्तीकरण से अधिक राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं।