8 जून: हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को नई मजबूती देते हुए राज्य सरकार महिलाओं के लिए पहला सरकारी नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र शुरू करने जा रही है। शिमला के मशोबरा में स्थापित किए गए ‘नवजीवन नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र’ का लोकार्पण 8 जून को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू करेंगे।
राज्य सरकार और हिमाचल प्रदेश पुलिस के संयुक्त प्रयास से शुरू किया जा रहा यह केंद्र नशे की लत से प्रभावित महिलाओं को उपचार, परामर्श, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापना की सुविधाएं प्रदान करेगा। केंद्र का संचालन और दैनिक प्रबंधन हिमाचल प्रदेश पुलिस के जिम्मे होगा। इसके माध्यम से पुलिस न केवल नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करेगी, बल्कि नशे से प्रभावित महिलाओं को सामान्य जीवन में वापस लाने के लिए भी सक्रिय भूमिका निभाएगी।
केंद्र में प्रशिक्षित विशेषज्ञों और परामर्शदाताओं की मदद से आधुनिक एवं वैज्ञानिक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। यहां महिलाओं को चिकित्सा सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और पुनर्वास सेवाएं दी जाएंगी। साथ ही जीवन कौशल विकास, आत्मविश्वास बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।
उपचार के बाद लाभार्थियों को निरंतर सहयोग मिल सके, इसके लिए दीर्घकालिक देखभाल की व्यवस्था भी की गई है। इसमें पारिवारिक परामर्श, भावनात्मक सहयोग और समाज आधारित सहायता तंत्र विकसित किया जाएगा, ताकि महिलाएं स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन की ओर लौट सकें।
हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं हो सकती। नशा तस्करी पर सख्ती के साथ-साथ नशे से प्रभावित लोगों को उपचार, परामर्श और पुनर्वास उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ‘नवजीवन’ केंद्र करुणा, देखभाल और प्रतिबद्धता के साथ महिलाओं को स्वस्थ जीवन की ओर वापस लाने का प्रयास करेगा तथा नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को जन आंदोलन का रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।