22 जून: जिला स्तरीय चार दिवसीय आषाढ़ नाग मेले का रविवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर पूर्व शिक्षा मंत्री आशा कुमारी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने पधर स्थित भूरू नाग मंदिर में पूजा-अर्चना कर मेले की भव्य शोभायात्रा को रवाना किया। शोभायात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर बनीखेत बस अड्डे तक निकाली गई।
अपने संबोधन में आशा कुमारी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध है और मेले-उत्सव यहां की समृद्ध संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन लोक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ स्थानीय देवी-देवताओं के प्रति लोगों की आस्था, कृतज्ञता और सामाजिक सौहार्द को भी मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि भूरू नाग मंदिर एक ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व का स्थल है तथा यहां आयोजित होने वाले आषाढ़ नाग मेले की विशेष पहचान है। प्रदेश सरकार सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहें।
सांयकालीन सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ भी आशा कुमारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर एसडीएम एवं मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष अनिल भारद्वाज ने उन्हें शाल, हिमाचली टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में तहसीलदार रमेश चौहान, नगर पंचायत बनीखेत की कार्यवाहक सचिव राखी कौशल, जिला भाषा अधिकारी तुकेश शर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अतुल शर्मा, बिजली बोर्ड के पंकज राठौर, जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता देवेंद्र राणा सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।