4 अगस्त , तरसेम जरयाल : राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के बी.वॉक (B.Voc) विभाग के एम्पॉवरिंग स्किल्स क्लब (ESC) की ओर से नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालयीन जीवन, कौशल आधारित शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और करियर निर्माण के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के बाद महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने मुख्य अतिथि तथा महाविद्यालय चंबा के पूर्व प्राचार्य डॉ. मदन गुलेरिया ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। विभागाध्यक्ष एवं नोडल अधिकारी प्रो. नरेश कुमार तथा विभाग के प्राध्यापकों ने अतिथियों का स्वागत किया। बी.वॉक सोसायटी की अध्यक्षा तनीषा ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का परिचय करवाते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस दौरान प्रो. नरेश कुमार ने डॉ. मदन गुलेरिया को हिमाचली टोपी एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
डॉ. मदन गुलेरिया ने अपने संबोधन में बी.वॉक विभाग की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला का बी.वॉक विभाग प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा विभागों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है और राज्य के अग्रणी विभागों में अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि अपने लगभग तीन दशकों के शिक्षण अनुभव के दौरान उन्होंने बी.वॉक विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल करते देखा है।
उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, आत्मविश्वास बढ़ाने, सकारात्मक सोच अपनाने और समय का सदुपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वास्तविक व्यक्तित्व विकास में व्यवहार, अनुशासन, संचार कौशल, टीमवर्क और जिम्मेदारी की भावना महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों को समाज के प्रति संवेदनशील बनने, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने और जीवन में आने वाले बदलावों को सकारात्मक रूप से स्वीकार करने का संदेश भी दिया।
डॉ. गुलेरिया ने टीमवर्क, अनुशासन और स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को नियमित व्यायाम, पैदल चलने, नकारात्मक सोच से दूर रहने तथा संचार कौशल को निरंतर विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती और निरंतर सीखने वाला व्यक्ति ही जीवन में आगे बढ़ता है।
मुख्य अतिथि प्रो. राकेश पठानिया ने कहा कि नई शिक्षा नीति के दौर में कौशल आधारित शिक्षा समय की आवश्यकता है। बी.वॉक जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को डिग्री के साथ रोजगारोन्मुखी कौशल, व्यावहारिक ज्ञान और आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक एवं अन्य अवसरों का भरपूर लाभ उठाने और मेहनत व अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के बाद प्रो. राकेश पठानिया, डॉ. मदन गुलेरिया, प्रो. नरेश कुमार और विद्यार्थियों ने महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण किया। इस दौरान हरित परिसर और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
विभागाध्यक्ष एवं नोडल अधिकारी प्रो. नरेश कुमार ने कहा कि बी.वॉक विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कौशल शिक्षा प्रदान करने के साथ उन्हें आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और समाजोपयोगी नागरिक बनाना है। उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों से विभाग की शैक्षणिक, प्रशिक्षण और प्लेसमेंट गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में बी.वॉक सोसायटी के उपाध्यक्ष नागेश्वर ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रो. राकेश पठानिया, डॉ. मदन गुलेरिया, प्रो. नरेश कुमार, प्रो. तरसेम जरयाल, प्रो. अंशुल राणा, प्रो. रोहित सबरवाल, प्रो. कनिका सूद, गेस्ट फैकल्टी हर्ष गुलेरिया, शिखा व्यास, दर्शना ठाकुर, रूपाली धीमान, आस्था शर्मा, सुशांक गुप्ता, संजीव कपूर, हितेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे।