बिजली बोर्ड कर्मचारियों का फूटा सब्र, पुरानी पेंशन समेत मांगों को लेकर शिमला में जोरदार प्रदर्शन

3 सितंबर: पुरानी पेंशन योजना की बहाली और अन्य लंबित मांगों को लेकर हिमाचल राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारियों, इंजीनियरों और पेंशनरों ने बुधवार को प्रदेश सरकार और बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदेशभर से शिमला पहुंचे करीब 2000 से 2500 कर्मचारियों और पेंशनरों ने विधानसभा के बाहर चौड़ा मैदान में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड एम्पलाइज यूनियन के आह्वान और विद्युत बोर्ड की ज्वाइंट एक्शन कमेटी के समर्थन में यह आंदोलन किया गया। बुधवार सुबह करीब 11 बजे कुमार हाउस से आक्रोश रैली शुरू हुई। रैली अंबेडकर चौक से होते हुए चौड़ा मैदान पहुंची, जहां यह धरने में बदल गई।

बड़ी संख्या में कर्मचारियों और पेंशनरों के शामिल होने के कारण शिमला के प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया।

प्रदर्शनकारियों ने बिजली बोर्ड में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती शुरू करने, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने और मुख्यमंत्री की ओर से कर्मचारियों के हित में की गई घोषणाओं को लागू करने की मांग उठाई। इसके अलावा कर्मचारियों और पेंशनरों के सेवानिवृत्ति लाभों का समयबद्ध भुगतान, ताज मोहम्मद मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को लागू करने और स्मार्ट मीटर नीति की समीक्षा की मांग भी रखी गई।

कर्मचारियों ने पदोन्नति में पूर्व की तरह कैडर-कंट्रोलिंग अथॉरिटी की व्यवस्था बहाल करने, नॉन-आईटीआई फील्ड स्टाफ की पदोन्नति में कथित भेदभाव खत्म करने तथा विद्युत मंडल पांगी और शिमला-2 में एएलएम और एलएम के नए पद सृजित करने की मांग भी उठाई।

यूनियन नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि लंबित मांगों का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि सरकार और बोर्ड प्रबंधन की ओर से मांगों को लेकर टालमटोल जारी रही तो कर्मचारी अपने हकों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

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