25 जून : महिला टी-20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम का अभियान निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। मध्यक्रम के बल्लेबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन और फील्डिंग में लगातार हो रही गलतियों के कारण टीम पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे में गुरुवार को मैनचेस्टर में बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले मुकाबले में भारतीय टीम अपनी कमियों को दूर कर जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेगी।
टूर्नामेंट में भारत के शीर्ष क्रम ने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई है। मंधाना ने तीन मैचों में 159 रन बनाए हैं, जबकि शेफाली वर्मा के बल्ले से 92 रन निकले हैं। दोनों बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट 154 से अधिक रहा है, जिससे भारतीय टीम को तेज शुरुआत मिली है।
हालांकि, मध्यक्रम इन अच्छी शुरुआतों को बड़े स्कोर में बदलने में सफल नहीं हो पाया है। कप्तान हरमनप्रीत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स और यस्तिका भाटिया अब तक उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी हैं। इसके चलते ऋचा घोष और दीप्ति शर्मा पर तेजी से रन बनाने की अतिरिक्त जिम्मेदारी आ गई है।
भारतीय टीम के लिए बांग्लादेश के खिलाफ यह मुकाबला काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए टीम को न केवल जीत दर्ज करनी होगी, बल्कि बल्लेबाजी और फील्डिंग दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन भी करना होगा।