11 मई: देशभर में बच्चों को लगाई जाने वाली दो महत्वपूर्ण वैक्सीनों के सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं। केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला (सीडीएल) कसौली ने इस संबंध में अलर्ट जारी किया है। जांच में न्यूमोकोकल वैक्सीन और पैंटावैलेंट वैक्सीन के सैंपल निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद इन्हें ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ श्रेणी में रखा गया है।
जानकारी के अनुसार ये सैंपल फील्ड से लिए गए थे और उनकी जांच सीडीएल कसौली में की गई। रिपोर्ट में वैक्सीन के फेल होने का कारण “फिजिकल आस्पैक्ट्स” में कमी बताया गया है।
न्यूमोकोकल वैक्सीन बच्चों को निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए दी जाती है, जबकि पैंटावैलेंट वैक्सीन काली खांसी, हेपेटाइटिस-बी, डिप्थीरिया, टिटनेस और दिमागी बुखार जैसी बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करती है।
सीडीएल कसौली देश में निर्मित और आयातित वैक्सीनों की गुणवत्ता जांच के बाद ही उन्हें बाजार और टीकाकरण कार्यक्रमों में उपयोग की अनुमति देता है। सैंपल फेल होने के बाद संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रयोगशाला ने फेल सैंपलों की जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी है।