पीएमएफएमई योजना के क्रियान्वयन में मंडी प्रदेश में तीसरे स्थान पर, 328 आवेदन अनुमोदित

6 अक्तूबर: प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (पीएमएफएमई) के प्रभावी क्रियान्वयन में जिला मंडी ने प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है। योजना के तहत जिले में अब तक 328 आवेदन अनुमोदित किए जा चुके हैं। इससे सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं और उद्यमियों के लिए स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।

उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में 20 मार्च और 12 अगस्त, 2026 को हुई डीएलसी बैठकों की कार्यवाही की समीक्षा की गई। समिति ने इस दौरान 20 नए प्रकरणों को भी अनुमोदित किया।

उपायुक्त ने योजना के तहत हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों को प्रकरणों में विविधता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में अनाज, फल, सब्जियां, दुग्ध उत्पाद, मसाले तथा हर्बल एवं औषधीय उत्पादों से संबंधित विभिन्न प्रकार की सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को पीएमएफएमई योजना की जानकारी जिले के दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए, ताकि अधिक से अधिक पात्र युवा और उद्यमी योजना का लाभ उठाकर स्वरोजगार स्थापित कर सकें। उन्होंने स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

जिला उद्योग केंद्र, मंडी की महाप्रबंधक नेहा चौहान ने योजना की वर्तमान स्थिति, प्राप्त आवेदनों, उनकी प्रगति और बैंक स्तर पर स्वीकृति की स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना शुरू होने से अब तक डीएलसी के समक्ष कुल 343 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 305 आवेदनों की अनुशंसा की जा चुकी है, जबकि 209 आवेदन बैंकों द्वारा स्वीकृत किए गए हैं।

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 35 प्रतिशत तक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी अधिकतम 10 लाख रुपये तक प्रदान की जाती है। इससे सूक्ष्म उद्यमियों को खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, विस्तार और आधुनिकीकरण में सहायता मिलती है।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त प्रियांशु खाती, जिला विकास अधिकारी (ग्रामीण विकास) गोपी चंद पाठक, जिला कृषि अधिकारी गोपाल चंद, उद्यान विभाग की एसएमएस प्रिया गौतम, खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र कुमार, लीड बैंक प्रबंधक चंद्र प्रकाश, डीडीएम नाबार्ड राकेश वर्मा, स्वयं सहायता समूहों एवं एफपीओ के प्रतिनिधि तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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