पत्रकारों की मांगों पर केंद्र सरकार का सकारात्मक आश्वासन, जंतर-मंतर का आंदोलन समाप्त

30 जुलाई , कविता शांति गौतम : देशभर के पत्रकारों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर वॉइस ऑफ मीडिया (VOM) एवं वीओएम इंटरनेशनल फोरम द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर चलाया जा रहा शांतिपूर्ण आंदोलन केंद्र सरकार के सकारात्मक आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। केंद्रीय राज्यमंत्री रक्षा खडसे और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव की मध्यस्थता में हुई चर्चा के बाद सरकार ने पत्रकारों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिया। इसके बाद वॉइस ऑफ मीडिया के संस्थापक एवं अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप काले ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।

आंदोलन के दौरान पत्रकार सुरक्षा कानून, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, पेंशन, पत्रकार कल्याण योजनाएं, पत्रकारों के परिवारों के लिए शैक्षणिक सुविधाएं, डिजिटल मीडिया के पत्रकारों को मान्यता तथा पत्रकारिता की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। देशभर से पहुंचे पत्रकारों ने एकजुट होकर इन मांगों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।

केंद्रीय राज्यमंत्री रक्षा खडसे ने पत्रकार प्रतिनिधियों के साथ बैठक में कहा कि सरकार पत्रकारों की समस्याओं के प्रति गंभीर है और संबंधित मंत्रालयों के साथ समन्वय कर उचित समाधान की दिशा में कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनकी न्यायसंगत मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा।

इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने भी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर पत्रकारों से संवाद किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पत्रकारों की मांगों को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा और इन पर आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रयास किए जाएंगे। उनके आग्रह और दोनों मंत्रियों के आश्वासन के बाद संगठन ने अनिश्चितकालीन अनशन वापस लेने का निर्णय लिया।

हालांकि वॉइस ऑफ मीडिया ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों के क्रियान्वयन तक पत्रकारों के अधिकारों और हितों से जुड़े मुद्दों पर संगठन लगातार फॉलोअप करता रहेगा।

बैठक में वॉइस ऑफ मीडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल म्हस्के, कल्पेश महाले, बापुराव ठाकरे, शांति गौतम, विकास और बंशी लाल पांचाल सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं आंदोलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए पत्रकारों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

समापन अवसर पर संदीप काले ने कहा कि यह संघर्ष केवल एक संगठन का नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक पत्रकार के अधिकारों का संघर्ष है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर संगठन भविष्य में भी पूरी मजबूती से आवाज उठाता रहेगा। पत्रकारों के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी और देशभर के पत्रकारों को एकजुट होकर लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए आगे बढ़ना होगा।

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