1 सितंबर: जिला कांगड़ा में नशे की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई तेज करने का निर्णय लिया है। सोमवार को एनआईसी सभागार धर्मशाला में राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल (एनकार्ड) की जिला स्तरीय बैठक उपायुक्त हेमराज बैरवा की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में नशा तस्करी पर नियंत्रण, नशा प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी, युवाओं को नशे से दूर रखने, नशा मुक्ति एवं पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में नशा तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा पीआईटी-एनडीपीएस के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर नशा तस्करों द्वारा किए गए अवैध कब्जों और निर्माणों को नियमानुसार हटाने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। सभी एसडीएम को पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने नशा प्रभावित क्षेत्रों में गठित नशा निवारण समितियों को सक्रिय करने और चिन्हित हॉटस्पॉट पर लगातार निगरानी रखने को कहा। उन्होंने स्थानीय सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग को टांडा मेडिकल कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ओपिओयड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) सेवाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नशा मुक्ति उपचार एवं पुनर्वास व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
उपायुक्त ने जेलों में बंद नशे से संबंधित आरोपियों की नियमित काउंसलिंग, उपचार और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए कानूनी कार्रवाई के साथ उपचार, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन पर भी ध्यान देना जरूरी है।
उन्होंने सार्वजनिक स्थलों, बस अड्डों, अस्पतालों और नगर निकायों की एलईडी स्क्रीन पर ‘नशा मुक्त हिमाचल’ अभियान के संदेशों का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि पंचायत स्तर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी स्कूलों का नियमित दौरा कर विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे। शिक्षा विभाग को विद्यालयों में गठित प्रहरी क्लबों को सक्रिय करने और एसएएमवीएएडी कार्यक्रम के तहत नियमित जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने स्कूल परिसरों या आसपास नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने तथा विद्यार्थियों के लिए कार्यशालाएं, संवाद कार्यक्रम और काउंसलिंग सत्र आयोजित करने को कहा।
निजी नशा मुक्ति केंद्रों की नियमित जांच और उनकी कार्यप्रणाली के मासिक मूल्यांकन के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। उपायुक्त ने सभी विभागों से अपनी गतिविधियों का नियमित दस्तावेजीकरण करने और आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा।
उन्होंने कहा कि ‘नशा मुक्त कांगड़ा’ अभियान को सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए जनभागीदारी के माध्यम से जन आंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने जिले में नशा निवारण के लिए चलाए जा रहे अभियानों और अब तक की गई कार्रवाइयों की जानकारी दी। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि तथा जिले के एसडीएम, डीएसपी और बीएमओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।