31 मई: शिमला में नगर निगम की जनरल हाउस बैठक के दौरान हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीटू नेता विजेंद्र मेहरा सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपियों ने बैठक के दौरान जबरन प्रवेश कर नारेबाजी की और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की।
यह घटना 29 मई को डीसी कार्यालय शिमला स्थित बचत भवन में आयोजित नगर निगम की बैठक के दौरान हुई। नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा की शिकायत पर थाना सदर शिमला में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और गवाहों के बयानों के आधार पर कार्रवाई करते हुए विजेंद्र मेहरा (48), बालक राम (45) और विवेक कश्यप (48) को गिरफ्तार किया। तीनों शिमला के अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी हैं।
पुलिस के अनुसार, विजेंद्र मेहरा के खिलाफ पहले से करीब 50 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं बालक राम के खिलाफ 10 और विवेक कश्यप के खिलाफ 2 मामले पहले से दर्ज बताए गए हैं।
शिमला पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और हंगामे में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।