10 अक्तूबर, तरसेम जरयाल : राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धर्मशाला में शुक्रवार को प्रधानमंत्री कार्यालय की विशेष पहल के तहत चल रहे ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत–100 वीक संकल्प अभियान’ के चौथे सप्ताह में युवा संवाद मेले का आयोजन किया गया। ‘मेरा स्वास्थ्य, मेरा गर्व’ मासिक थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण का संकल्प लिया। महाविद्यालय प्रशासन और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मेले का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में एसपी कांगड़ा कुलभूषण वर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा कि नशा धीरे-धीरे युवाओं की ऊर्जा, क्षमता और उज्ज्वल भविष्य को खोखला कर देता है। युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनकी ऊर्जा का उपयोग शिक्षा, खेलकूद तथा रचनात्मक गतिविधियों में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है, लेकिन इस सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए समाज और विशेष रूप से युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा देने के साथ उनके व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। प्रत्येक विद्यार्थी को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना चाहिए।
एनएसएस प्रभारी डॉ. दीपिका ठाकुर और प्रो. निशेष ने बताया कि युवा संवाद मेले के माध्यम से विद्यार्थियों को सामाजिक सरोकारों, रचनात्मक गतिविधियों और जनकल्याण के कार्यों से जोड़ने का प्रयास किया गया। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. अजय कुमार, प्रो. बालाक राम, प्रो. पूजा दीवान, डॉ. नीरज कौशल और प्रो. सोनिका सहित महाविद्यालय के समस्त स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।
मेले में विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक, कविताओं और गीतों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। नुक्कड़ नाटक के जरिए नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया, जबकि हर्षिता और शीतल की कविताओं ने युवाओं को जागरूक किया। वहीं, शिल्पा और उनके समूह ने सामूहिक गीत के माध्यम से सामाजिक चेतना का संदेश दिया।
कार्यक्रम स्थल पर पांच प्रमुख जागरूकता स्टाल लगाए गए, जिनके माध्यम से मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान, पोषण, शारीरिक फिटनेस, स्थानीय काउंसलिंग सुविधाओं और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को नशे से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए उचित मार्गदर्शन और सहायता प्राप्त करने के तरीकों से भी अवगत करवाया गया।
इसके अतिरिक्त, एनएसएस और माय भारत पहल के तहत ई-प्लेज की सुविधा उपलब्ध करवाई गई। क्यूआर कोड के माध्यम से वीबीवाईएलडी क्विज में पंजीकरण की व्यवस्था भी की गई। हस्ताक्षर अभियान और सेल्फी वॉल विद्यार्थियों के आकर्षण का केंद्र रहे, जहां उन्होंने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।