31 अगस्त: देहरा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों, पेंशनरों, मछुआरों और आम लोगों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ कर्मचारियों और पेंशनरों को उनके लंबित वित्तीय लाभ उपलब्ध करवा रही है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वेतन बकाया के अतिरिक्त 20 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। श्रेणी-I, II और III के पेंशनरों के लिए बेसिक पे से संबंधित शर्त हटाने के निर्देश भी जारी किए जाएंगे। इसके बाद पात्र पेंशनरों को लंबित बकाया का 35 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कर्मचारियों को महंगाई भत्ता भी प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि’ के तहत 800 मछुआरों को 3,500-3,500 रुपये की वित्तीय सहायता के चेक वितरित किए। उन्होंने कहा कि मछली पर रॉयल्टी को 15 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत किया गया है और प्रतिबंध अवधि में मछुआरों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कदम उठा रही है। भ्रष्टाचार में शामिल लोगों से अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों का ब्यौरा मांगा जाएगा और ऐसी संपत्तियों को जब्त कर गरीबों के हित में इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के अधिकारों के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने शिमला में भूमिगत यूटिलिटी डक्ट का काम शुरू किया है और इसी तरह की सुविधा देहरा में भी विकसित की जाएगी। कांगड़ा को पर्यटन राजधानी घोषित किए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बनखंडी में 619 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का जूलॉजिकल पार्क विकसित किया जा रहा है। परियोजना पर 150 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं और अब 100 करोड़ रुपये और जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने देहरा अस्पताल में एक वर्ष के भीतर अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं और ओजोन तकनीक आधारित पेयजल परियोजना भी एक वर्ष के भीतर पूरी कर ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि पौंग बांध विस्थापितों की समस्याओं के समाधान के लिए भी सरकार प्रयासरत है। 200 विस्थापित परिवारों को मकान बनाने के लिए भूमि उपलब्ध करवाई गई है तथा अन्य पात्र परिवारों को भी समय के साथ इस योजना में शामिल किया जाएगा।
विधायक कमलेश ठाकुर ने मछुआरों को दी गई आर्थिक सहायता के लिए सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह सहायता उनके श्रम और स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देहरा में चल रही विकास परियोजनाओं से क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है और आने वाले वर्षों में देहरा को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने का लक्ष्य है।