15 मई: डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद एशिया की सबसे बड़ी ट्रक यूनियन ने माल भाड़े में इजाफा कर दिया है। इसका सीधा असर औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में तैयार होने वाले उत्पादों पर पड़ेगा, जिससे कई सामान महंगे हो सकते हैं। कच्चे माल की ढुलाई भी अब पहले से ज्यादा महंगी होगी।
केंद्र सरकार द्वारा डीजल के दाम में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी किए जाने के बाद ट्रक यूनियन ने बीबीएनआईए के साथ हुए समझौते के तहत नए भाड़े लागू कर दिए हैं। समझौते के अनुसार डीजल के दाम में प्रति रुपए वृद्धि पर छोटी गाड़ियों का भाड़ा 30 पैसे प्रति किलोमीटर और बड़ी गाड़ियों का भाड़ा 50 पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ाया जाता है।
डीजल के दाम 3 रुपए बढ़ने के बाद छह टायर वाले ट्रकों का भाड़ा 90 पैसे प्रति किलोमीटर और दस टायर वाले ट्रकों का भाड़ा करीब डेढ़ रुपए प्रति किलोमीटर बढ़ गया है। शुक्रवार से नई दरें लागू कर दी गई हैं।
बद्दी से दिल्ली जाने वाले छोटे ट्रकों के भाड़े में करीब 234 रुपए और बड़े ट्रकों में लगभग 400 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। वहीं मुंबई रूट पर छोटे ट्रकों का भाड़ा करीब 1515 रुपए और बड़े ट्रकों का लगभग 2500 रुपए तक बढ़ गया है। कोलकाता के लिए छोटे ट्रकों पर 1635 रुपए और बड़े ट्रकों पर 2725 रुपए अतिरिक्त देने होंगे। चेन्नई रूट पर छोटे ट्रकों का भाड़ा 2244 रुपए और बड़े ट्रकों का 3741 रुपए तक बढ़ गया है।
ट्रक यूनियन के प्रधान विद्या रतन चौधरी ने बताया कि डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के अनुसार समझौते के तहत भाड़े में संशोधन किया गया है और नई दरें शुक्रवार से प्रभावी हो चुकी हैं।