15 मई: राजगढ़ नगर पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। 17 मई को होने वाले मतदान से पहले भाजपा मंडल राजगढ़ ने अपना संकल्प पत्र जारी कर नगर के विकास का खाका जनता के सामने रखा। पार्टी ने दावा किया कि वह केवल चुनावी वादों के सहारे नहीं, बल्कि ठोस योजनाओं और स्पष्ट विकास एजेंडे के साथ मैदान में उतरी है।
भाजपा मंडल अध्यक्ष सुरेश वर्मा ने पत्रकार वार्ता के दौरान संकल्प पत्र जारी करते हुए कहा कि नगर की प्रमुख समस्याओं जैसे पार्किंग, सफाई, सीवरेज, सड़क, सुरक्षा और पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रत्याशी वार्ड स्तर पर लोगों से संपर्क कर स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाएं तैयार कर रहे हैं।
भाजपा ने शहर में पार्किंग की समस्या को सबसे बड़ा मुद्दा बताते हुए आधुनिक और व्यवस्थित पार्किंग सुविधा विकसित करने का वादा किया है, ताकि बाजार और मुख्य मार्गों पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिल सके। इसके अलावा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था को अधिक नियमित और पारदर्शी बनाने की बात कही गई है। पार्टी ने नगरवासियों पर बढ़ रहे अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करने के लिए व्यवस्था की समीक्षा का भी भरोसा दिया।
नगर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और गलियों में आधुनिक स्ट्रीट लाइटें स्थापित करने का वादा किया गया है। वहीं स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत राजगढ़ अस्पताल परिसर के आसपास सफाई व्यवस्था सुधारने, वाटर कूलर लगाने और शौचालय सुविधाओं को बेहतर बनाने की घोषणा भी की गई।
भाजपा ने नेहरू मैदान के सौंदर्यीकरण और वहां हाई मास्ट लाइट लगाने की योजना भी सामने रखी है, जिससे युवाओं और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। वर्षों से लंबित सीवरेज परियोजना को जल्द शुरू कर पूरा करवाने का दावा करते हुए नालियों की नियमित सफाई और नई ड्रेनेज लाइन निर्माण पर भी जोर दिया गया है।
संकल्प पत्र में विभिन्न वार्डों में एम्बुलेंस सड़क निर्माण को भी प्राथमिकता दी गई है। वार्ड-1 में लोवाल और पीडब्ल्यूडी कॉलोनी तक सड़क, वार्ड-2 में ऊपरी मोहल्ले तक एम्बुलेंस मार्ग तथा वार्ड-4 में एसवीएन स्कूल तक सड़क निर्माण और लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया गया है।
भाजपा ने स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और राजगढ़ को नशामुक्त नगर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने की भी घोषणा की है। इसके साथ ही पार्टी ने पूर्व नगर पंचायत के कुछ लोगों पर विकास कार्यों का श्रेय लेने और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी लगाए। भाजपा का दावा है कि कई विकास कार्य सांसद निधि से संभव हुए हैं, जबकि कूड़ा संयंत्र और अन्य परियोजनाओं से जुड़े दस्तावेज आरटीआई के माध्यम से प्राप्त किए गए हैं।
अब देखना यह होगा कि भाजपा का यह विकास एजेंडा 17 मई को मतदाताओं को कितना प्रभावित करता है और राजगढ़ नगर पंचायत की सत्ता किसके हाथ में जाती है।