30 जुलाई , अभिषेक मिश्रा : शिमला–मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबे समय से खराब हालत को लेकर क्षेत्रवासियों का आक्रोश बुधवार रात खुलकर सामने आया। जुखाला पंचायत के प्रधान हरी राम धीमान के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने ब्रह्म्पुखर में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह का काफिला रोककर उन्हें ज्ञापन सौंपा और सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि ब्रह्म्पुखर से जबल पुल तक करीब चार वर्षों से सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, कई स्थानों पर डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और किनारे भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। साथ ही, जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बरसात के दौरान लोगों की परेशानियां और बढ़ जाती हैं।
स्थानीय लोगों ने कहा कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग शिमला और मनाली को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। पर्यटन सीजन में बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के अलावा स्थानीय ग्रामीण, विद्यार्थी, कर्मचारी, व्यापारी, किसान और एम्बुलेंस जैसी आवश्यक सेवाएं भी इसी मार्ग पर निर्भर हैं। इसके बावजूद सड़क की बदहाल स्थिति लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि गहरे गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों के लिए सफर बेहद जोखिम भरा हो गया है। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जबकि चारपहिया वाहनों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। खराब सड़क के कारण लोगों का समय और ईंधन दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
ज्ञापन के माध्यम से क्षेत्रवासियों ने मांग की कि ब्रह्म्पुखर से जबल पुल तक सड़क का तकनीकी निरीक्षण करवाकर मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द शुरू किया जाए। उनका कहना था कि वर्षों से केवल आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन अब धरातल पर काम दिखाई देना चाहिए।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि सड़क की स्थिति का शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द शुरू करवाया जाएगा। मंत्री के आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि इस लंबे समय से चली आ रही समस्या का जल्द समाधान होगा।