7 जून : हिमाचल प्रदेश के चंबा शहर में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर के हरदासपुरा वार्ड के लाहड़ी क्षेत्र में रविवार को बंदरों के झुंड ने अचानक राहगीरों पर हमला कर दिया, जिससे एक महिला सहित पांच लोग घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच भय का माहौल है।
घायलों की पहचान राजेंद्र, मोहिंद्र, चंपा देवी, सलीम कुमार और राजकुमार के रूप में हुई है। सभी को उपचार के लिए पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया गया। मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ. प्रदीप ने बताया कि घायलों को प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाइयां देने के बाद घर भेज दिया गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हरदासपुरा और आसपास के क्षेत्रों में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालात ऐसे हैं कि बच्चों का घरों से बाहर निकलना और खेलना तक मुश्किल हो गया है। लोग बताते हैं कि घरों की छतों पर कपड़े सुखाने या अन्य कामों के लिए भी उन्हें समूह में जाना पड़ता है, क्योंकि अकेले जाने पर बंदरों के हमले का खतरा बना रहता है।
लोगों के अनुसार बंदर घरों और दुकानों से खाने-पीने का सामान छीन लेते हैं तथा विरोध करने पर हमला कर देते हैं। पिछले कुछ समय से क्षेत्र में इस तरह की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि धार्मिक स्थलों और आबादी वाले इलाकों में लोगों द्वारा बंदरों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराने के कारण वे जंगलों से निकलकर शहरों की ओर आ रहे हैं। इंसानों के बीच आसानी से भोजन मिलने के चलते बंदरों का व्यवहार भी अधिक आक्रामक और निर्भीक होता जा रहा है।
बढ़ती समस्या को लेकर लोगों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कई बार शिकायतें देने के बावजूद बंदरों को पकड़ने या उनकी संख्या नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोग आबादी वाले क्षेत्रों में पिंजरे लगाकर बंदरों को पकड़ने और स्थायी समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं।
वहीं, इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बंदरों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।