24 अप्रैल: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चुराह क्षेत्र के रेटा गांव में बिना लाइसेंस क्लीनिक चला रहे कथित फर्जी डॉक्टर से जुड़े मामले में नया खुलासा हुआ है। क्लीनिक से बरामद की गई दवा का सैंपल जांच में फेल पाया गया है।
जानकारी के अनुसार बच्चों को दी जाने वाली एंटीबायोटिक दवा एजिथ्रोमाइसिन का सैंपल गुणवत्ता परीक्षण में असफल रहा। संबंधित क्लीनिक संचालक ने यह दवा चंबा के एक थोक विक्रेता से खरीदी होने की बात कही है। स्वास्थ्य विभाग ने उक्त विक्रेता को नोटिस जारी कर दवा की सप्लाई से जुड़ी जानकारी मांगी है।
जांच के दौरान दिल्ली स्थित एक फार्मा कंपनी का नाम सामने आया है, जिसे भी नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने कंपनी से संबंधित बैच की दवा खरीदने वाले सभी केमिस्टों की सूची मांगी है और उस बैच की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि 12 जनवरी को ड्रग इंस्पेक्टर लवली ठाकुर की अगुवाई में रेटा गांव में छापेमारी की गई थी, जिसमें बिना लाइसेंस क्लीनिक संचालित करते हुए एक व्यक्ति को पकड़ा गया था। मौके पर भारी मात्रा में दवाइयों का स्टॉक भी बरामद हुआ, जिनके भंडारण और बिक्री से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं थे।
राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने पुष्टि करते हुए बताया कि दवा का सैंपल फेल होने के बाद संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और मामले की गहन जांच जारी है।