30 सितंबर: मानसून सीजन के दौरान भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जिला कुल्लू में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम मंगलवार को कुल्लू पहुंची। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु के नेतृत्व में पहुंची टीम ने दो दिवसीय दौरे के पहले दिन विभिन्न आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
केंद्रीय दल में जल शक्ति मंत्रालय के निदेशक प्रकाश चंद, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. सुभाष चंद्र, ग्रामीण विकास मंत्रालय के निदेशक रामावतार मीणा, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के कार्यकारी अभियंता शाश्वत महापात्रा, वित्त मंत्रालय के उप निदेशक कनव दुआ तथा इसरो के राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र, हैदराबाद के वैज्ञानिक डॉ. श्री शशिवर्धन रेड्डी शामिल रहे। हिमाचल प्रदेश सरकार के अतिरिक्त सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) सुनील वर्मा भी दौरे के दौरान उपस्थित रहे।
ओट पहुंचने पर एडीएम सुरजीत सिंह राठौर सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने केंद्रीय टीम का स्वागत किया। इसके बाद टीम ने सैंज क्षेत्र के विभिन्न आपदा प्रभावित स्थलों का दौरा किया। ग्राम पंचायत सुचैण के मातला गांव में टीम ने जमीन धंसने से प्रभावित मकानों और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और नुकसान की जानकारी ली गई।
इसके बाद केंद्रीय दल ने सैंज जल विद्युत परियोजना, सिउण्ड पुल और सैंज बाजार का निरीक्षण किया तथा प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का स्थलीय जायजा लिया।
निरीक्षण के बाद एनएचपीसी विश्राम गृह, बिहाली में जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से सड़कों, पेयजल योजनाओं, कृषि, बागवानी, विद्युत व्यवस्था, सरकारी संपत्ति और निजी संपत्ति को हुए नुकसान का विस्तृत ब्यौरा केंद्रीय टीम के समक्ष रखा गया।
अधिकारियों ने नुकसान के आकलन, प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों की जानकारी भी टीम के साथ साझा की। केंद्रीय टीम ने आपदा से हुए नुकसान और आवश्यक राहत उपायों को लेकर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।