2 जुलाई: कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में गुरुवार को डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों, पैरामेडिकल कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने सांकेतिक हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के चलते ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं, जबकि आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं। इससे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ का आरोप है कि प्रसूता महिला रजनी शर्मा की मौत के मामले को लेकर अस्पताल परिसर में धरना दे रहे कुछ लोगों ने पिछले दो दिनों के दौरान स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार किया, धमकियां दीं और अस्पताल का माहौल तनावपूर्ण बना दिया। उनका कहना है कि कुछ लोगों ने अस्पताल में घुसकर हंगामा किया और सोशल मीडिया पर डॉक्टरों व नर्सों की तस्वीरें साझा कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की, जिससे कर्मचारियों में डर का माहौल है।
हिमाचल मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन कुल्लू के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कोहली ने कहा कि डॉक्टरों और नर्सों को निशाना बनाया गया तथा उनके खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में भी अस्पताल का स्टाफ लगातार अपनी सेवाएं देता रहा। उन्होंने सरकार, प्रशासन और पुलिस से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
नर्सिंग स्टाफ ने भी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि अस्पताल में स्टाफ की कमी के कारण एक-एक नर्स को करीब 40 मरीजों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। इसके बावजूद वे लगातार दबाव में काम कर रही हैं। नर्सों ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ की जा रही टिप्पणियों और तस्वीरें साझा किए जाने पर भी आपत्ति जताते हुए सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
हड़ताल के बाद डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों ने एडीसी और एएसपी कुल्लू के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजकर अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, अभद्र व्यवहार करने वालों और सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की