कामगार कल्याण बोर्ड बना श्रमिकों का सहारा: बच्चों के विवाह पर 51 हजार की सहायता

19 अप्रैल: हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की योजनाएं श्रमिकों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से न केवल आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि उनके परिवारों के सपनों को भी मजबूती मिल रही है।
जिला शिमला के धामी क्षेत्र की निवासी मुनीश शर्मा के विवाह के लिए बोर्ड द्वारा 51 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। मुनीश शर्मा ने बताया कि इस मदद से शादी के खर्च का बोझ काफी कम हुआ है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया, जिनके प्रयासों से श्रमिकों के बच्चों को विभिन्न योजनाओं के तहत आर्थिक सहयोग मिल रहा है।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि बोर्ड के माध्यम से कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने पात्र श्रमिकों से समय पर पंजीकरण करवाने और योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। श्रम कल्याण अधिकारी शिमला जोन श्रेय शर्मा के अनुसार, शिमला जोन में अब तक 98 लाभार्थियों को 50 लाख 84 हजार रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
यह बोर्ड श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए कार्य कर रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, पेंशन, मातृत्व सहायता, उपकरण सहायता सहित कई सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। भवन निर्माण, सड़क, पुल, नहर, पाइपलाइन, बिजली और संचार से जुड़े कार्यों में लगे श्रमिक इसके दायरे में आते हैं और पंजीकरण करवाकर इन योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।
पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के वे श्रमिक पात्र हैं, जिन्होंने पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य किया हो। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड/परिवार रजिस्टर की प्रति और पासपोर्ट साइज फोटो आवश्यक हैं। आयु प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस या मतदाता पहचान पत्र मान्य है।
श्रमिक ऑनलाइन माध्यम से भी पंजीकरण और नवीनीकरण कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बन गई है। यह पहल डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देते हुए अधिक से अधिक श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सहायक साबित हो रही है।

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