कांगड़ा को मिलेगी नई उड़ान, गगल एयरपोर्ट विस्तार के लिए सर्वेक्षण शुरू

13 जून : कांगड़ा के गगल हवाई अड्डे के बहुप्रतीक्षित विस्तार परियोजना को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। परियोजना के तहत 14 मुहाल क्षेत्रों में प्रस्तावित 12 मीटर चौड़ी संपर्क सड़क के निर्माण तथा पूर्व सर्वेक्षण के दौरान छूट गए खसरा नंबरों की दोबारा पैमाइश का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसे एयरपोर्ट विस्तार योजना को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

क्रैडल टीम के समन्वयक रंजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि एयरपोर्ट भूमि समाहर्ता एवं उपमंडलाधिकारी (नागरिक) कांगड़ा इशांत जसवाल तथा उपमंडलाधिकारी (नागरिक) शाहपुर डॉ. गणेश ठाकुर द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार उन खसरा नंबरों की पुनः पैमाइश की जा रही है, जो पूर्व सर्वेक्षण के दौरान किसी कारणवश शामिल नहीं हो सके थे। इसके साथ ही एयरपोर्ट तक बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावित 12 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण हेतु आवश्यक भूमि अधिग्रहण संबंधी सर्वेक्षण भी आरंभ कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जुगैहड़, रछियालू, कियोड़ी सहित अन्य प्रभावित मुहालों में राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर कार्य में जुट गई हैं। इस दौरान भूमि की सीमाओं का निर्धारण, प्रभावित परिसंपत्तियों का आकलन और आवश्यक दस्तावेजी औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है।

परियोजना से जुड़े सर्वेक्षण कार्य में राजस्व विभाग के अलावा कृषि, उद्यान, वन तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। संयुक्त टीमों द्वारा भूमि अधिग्रहण की जद में आने वाले भवनों, मकानों, दुकानों और अन्य निर्माणों का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। वहीं प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद फलदार और गैर-फलदार वृक्षों की गणना कर उनकी श्रेणीवार रिपोर्ट तैयार की जा रही है, ताकि मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी की जा सके।

गगल एयरपोर्ट विस्तार परियोजना को प्रदेश के पर्यटन, व्यापार और परिवहन क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विस्तार कार्य पूरा होने के बाद यहां बड़े विमानों की आवाजाही संभव होने की उम्मीद है, जिससे धर्मशाला, कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों को बेहतर हवाई संपर्क सुविधा मिल सकेगी। इससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी नई गति मिलने की संभावना है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सर्वेक्षण और पैमाइश का कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इसके बाद भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि परियोजना को निर्धारित समयसीमा में आगे बढ़ाया जा सके।

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