कर्नाटक में फिर लौटी रिजॉर्ट पॉलिटिक्स, एमएलसी चुनाव से पहले विधायकों की निगरानी बढ़ी

18 जून : कर्नाटक विधान परिषद (एमएलसी) की सात सीटों के लिए गुरुवार को होने वाले चुनाव से पहले राज्य में एक बार फिर रिजॉर्ट पॉलिटिक्स चर्चा में आ गई है। क्रॉस वोटिंग और विधायकों की गैरमौजूदगी की आशंका के चलते कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) ने अपने-अपने विधायकों को बेंगलुरु के आसपास अलग-अलग रिजॉर्ट में ठहराया है।

एमएलसी चुनाव में कांग्रेस ने पांच और भाजपा ने दो उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। वहीं, जेडीएस ने पर्याप्त संख्याबल नहीं होने के बावजूद अंतिम समय में अपना उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया है।

मंगलवार शाम कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद पार्टी ने सभी विधायकों को बेंगलुरु दक्षिण जिले के एक रिजॉर्ट में रुकने के निर्देश दिए। मतदान के दिन सभी विधायकों को सीधे रिजॉर्ट से विधानसभा ले जाया जाएगा। पार्टी नेतृत्व ने क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं को देखते हुए विधायकों को मतदान प्रक्रिया की विशेष जानकारी भी दी है, क्योंकि इस चुनाव में प्राथमिकता आधारित मतदान प्रणाली अपनाई जाती है।

वहीं, केंद्रीय मंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने उम्मीदवार केवल अपने वोटों को एकजुट रखने के उद्देश्य से उतारा है। उन्होंने कहा कि जेडीएस किसी भी तरह के प्रलोभन या अनुचित तरीके से चुनाव जीतने की कोशिश नहीं कर रही है।

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