7 अगस्त: हिमाचल सरकार की महत्वाकांक्षी एचपी शिवा परियोजना के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने गुरुवार को परियोजना की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्लस्टरों में ठेकेदार पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध नहीं करवा रहे हैं, वहां आवश्यक श्रमशक्ति की तैनाती होने तक संबंधित ठेकेदारों के सभी भुगतान रोक दिए जाएं। कार्यों में धीमी प्रगति पाए जाने पर दो ठेकेदारों पर पेनल्टी भी लगाई गई है।
बैठक में बताया गया कि एचपी शिवा परियोजना के पहले चरण के तहत 3000 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से अब तक 2612 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जा चुका है, जबकि 1543 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का कार्य पूरा हो चुका है। करीब 1000 हेक्टेयर क्षेत्र में जुलाई से सितंबर के बीच पौधारोपण किया जाएगा। शेष क्षेत्र में जनवरी-फरवरी 2027 के दौरान शीतकालीन फसलों का रोपण किया जाएगा।
परियोजना के तहत प्रदेश में 331 क्लस्टरों का चयन किया गया है, जिससे करीब 10,646 किसान परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, परियोजना के दूसरे चरण की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। अब तक 2500 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान की जा चुकी है, जबकि 2153 हेक्टेयर क्षेत्र में सर्वेक्षण का कार्य जारी है।
समीक्षा बैठक में सौर बाड़बंदी, खेतों की तैयारी, ड्रिप सिंचाई और उठाऊ सिंचाई योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंडी, हमीरपुर और ऊना जिलों में कार्यों की प्रगति संतोषजनक पाई गई, जबकि सोलन, सिरमौर, बिलासपुर और कांगड़ा जिलों में ड्रिप सिंचाई से जुड़े कार्य अपेक्षाकृत धीमे पाए गए। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।