23 जुलाई: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के 57वें स्थापना दिवस समारोह में राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कविंद्र गुप्ता ने आधुनिक शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगारपरक कौशल प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और सेवा भावना का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने अपनी स्थापना से अब तक शिक्षा, शोध और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों के एक हाथ में आधुनिक तकनीक और दूसरे हाथ में भारतीय संस्कार होने चाहिए, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकें। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती चुनौतियों का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालय से आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में अनुसंधान को और मजबूत करने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने अंतरविषयक शोध, भारतीय ज्ञान परंपरा, क्षेत्रीय भाषाओं, औषधीय पौधों और जैविक खेती जैसे क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।