5 अक्तूबर: विकास खंड इंदौरा की 58 ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। पूर्व विधायक सतपाल रायजादा और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव यशवंत खन्ना विशेष रूप से उपस्थित रहे, जबकि इंदौरा के विधायक मलेंद्र राजन विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
अनुराग शर्मा ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने करीब तीन वर्ष नौ माह के कार्यकाल में प्रदेश के सभी वर्गों और क्षेत्रों के विकास के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों, विधवा महिलाओं, एकल महिलाओं, किसानों, बागवानों और युवाओं के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की गई हैं और इनका लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और प्रदेश के संसाधनों पर उसके अधिकार सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के अधिकारों से जुड़े विभिन्न मामलों में सरकार ने मजबूती से कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ी है।
उन्होंने कड़छम-वांगतू परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें हिमाचल का मुफ्त बिजली हिस्सा 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हुआ है, जिससे प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है। उन्होंने वाइल्डफ्लावर हॉल मामले का भी जिक्र किया और कहा कि इससे प्रदेश के खजाने में करीब 450 करोड़ रुपये आए हैं तथा भविष्य में लगभग 20 करोड़ रुपये वार्षिक आय होने की उम्मीद है।
अनुराग शर्मा ने कहा कि किशाऊ बांध परियोजना में भी प्रदेश के हितों को प्राथमिकता दी गई है। परियोजना पूरी होने के बाद हिमाचल को प्रतिवर्ष करीब 100 करोड़ यूनिट बिजली का हिस्सा मिलने और लगभग 600 करोड़ रुपये वार्षिक आय होने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2022-23 में 2 लाख 14 हजार 952 रुपये थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2 लाख 83 हजार 626 रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2032 तक हिमाचल को देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने बीबीएमबी से लंबित करीब 7,200 करोड़ रुपये की राशि, चंडीगढ़ में हिमाचल के 7.19 प्रतिशत हिस्से, शानन परियोजना, बीबीएमबी परियोजनाओं और वाटर सेस सहित प्रदेश से जुड़े विभिन्न अधिकारों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है और पंचायत प्रतिनिधि सरकार तथा जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभाएं।
विधायक मलेंद्र राजन ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ राजनीतिक या वोट बैंक के आधार पर नहीं, बल्कि पात्रता के आधार पर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए। पंचायत प्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों में पात्र लोगों की पहचान कर उन्हें जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्हें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर क्षेत्र के विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में एएसपी धर्म चंद वर्मा, एसडीएम डॉ. सुरेंद्र ठाकुर, खंड विकास अधिकारी सुदर्शन सिंह, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दविंद्र मनकोटिया, प्रधान जर्म सिंह ठाकुर, भोपाल कटोच, सुनीता कटोच, विजय कुमार, विजेंद्र पठानिया सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।