24 जुलाई: लोकसभा में शुक्रवार को नीट प्रश्नपत्र लीक मामले, प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
कार्यवाही की शुरुआत में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 26 जुलाई को मनाए जाने वाले कारगिल विजय दिवस का उल्लेख किया। इस वर्ष 26 जुलाई रविवार होने के कारण सदन में शुक्रवार को ही कारगिल युद्ध के शहीदों को मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
श्रद्धांजलि के बाद विपक्षी सांसद नीट पेपर लीक मामले और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की और आश्वासन दिया कि प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल सदन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है, जिसमें सांसद सरकार से सवाल पूछकर जवाबदेही सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रश्नकाल के बाद नियमों के तहत किसी भी विषय पर चर्चा की अनुमति दी जाएगी।
हालांकि, लगातार जारी हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और अध्यक्ष ने बैठक दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। मानसून सत्र शुरू होने के बाद यह लगातार पांचवां दिन रहा, जब लोकसभा में प्रश्नकाल नहीं हो सका। नीट पेपर लीक मामले और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध लगातार बना हुआ है।