11 जुलाई: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को शिमला स्थित अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान, चमियाणा में अत्याधुनिक थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल, शिमला शहरी के विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अत्याधुनिक एमआरआई मशीन के शुरू होने से मरीजों को रोगों की अधिक सटीक और तेज़ पहचान के साथ बेहतर उपचार की सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि अगले तीन महीनों के भीतर चमियाणा, आईजीएमसी शिमला, नेरचौक मेडिकल कॉलेज, डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा और हमीरपुर में अत्याधुनिक ऑटोमेशन लैब स्थापित की जाएंगी। इन परियोजनाओं पर करीब 125 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे सभी प्रकार की जांचें कम समय में और अधिक सटीकता के साथ उपलब्ध हो सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चमियाणा अस्पताल को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड किया जा रहा है ताकि यहां विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी मात्र 50 हजार रुपये में की जा रही है, जबकि सरकार प्रति मरीज 65 हजार रुपये की सब्सिडी दे रही है। अन्य मरीजों के लिए यही सुविधा 1.15 लाख रुपये में उपलब्ध है, जबकि निजी और बाहरी अस्पतालों में इस सर्जरी की लागत लगभग पांच लाख रुपये तक पहुंच जाती है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में धन की कोई कमी नहीं आने देगी। उन्होंने बताया कि चमियाणा, आईजीएमसी शिमला, टांडा मेडिकल कॉलेज और हमीरपुर में एआई-सक्षम थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि नेरचौक में भी यह सुविधा जल्द शुरू की जाएगी।