11 जुलाई: सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान उस समय अभूतपूर्व स्थिति बन गई, जब एक याचिकाकर्ता ने अदालत में आक्रामक व्यवहार करते हुए पीठ के समक्ष अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया और कागजात जजों की ओर उछाल दिए। घटना के बाद अदालत के निर्देश पर सुरक्षा कर्मियों ने उसे कोर्ट रूम से बाहर निकाल दिया और पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
जानकारी के अनुसार, याचिकाकर्ता अपने मामले की स्वयं पैरवी कर रहा था। उसने इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई जस्टिस के. वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ के समक्ष हो रही थी।
सुनवाई शुरू होते ही याचिकाकर्ता ने अदालत को निर्देश देने की कोशिश की और एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी करने की मांग करते हुए असामान्य भाषा का प्रयोग किया। इस पर जस्टिस विश्वनाथन ने उससे पूछा कि क्या वह अदालत को आदेश दे रहा है।
इसके बाद याचिकाकर्ता ने अपनी बात समाप्त करने की बात कहते हुए केस से जुड़े दस्तावेज पीठ की ओर उछाल दिए। साथ ही उसने भारत के मुख्य न्यायाधीश के लिए भी अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। घटना के बाद अदालत ने तत्काल सुरक्षा कर्मियों को हस्तक्षेप करने के निर्देश दिए, जिसके बाद उसे कोर्ट रूम से बाहर ले जाया गया और पुलिस ने हिरासत में ले लिया।