9 जुलाई: हिमाचल प्रदेश सरकार शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को भरने और सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए तेजी से कदम उठा रही है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बुधवार को विभाग की विभिन्न योजनाओं और सुधारात्मक कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश के सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों के लिए 3,468 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। इनमें 2,668 नियमित पदों को भरने का मामला राज्य चयन आयोग, हमीरपुर को भेजा जा चुका है। इन पदों पर संस्कृत, शारीरिक शिक्षा, संगीत, ड्राइंग, विज्ञान, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास, हिन्दी, भूगोल, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, कम्प्यूटर विज्ञान, ललित कला और लोक प्रशासन सहित विभिन्न विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
उन्होंने बताया कि नियमित भर्तियों के साथ-साथ 800 अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा रही है। इनमें 400 अंग्रेजी और 400 गणित के शिक्षक शामिल हैं। अब तक 292 अंग्रेजी और 284 गणित के शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में कार्यभार संभाल चुके हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य के 158 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम की स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि इनमें से 146 विद्यालयों को सीबीएसई की संबद्धता भी प्राप्त हो गई है।
बैठक के दौरान एसएमसी शिक्षकों, कम्प्यूटर शिक्षकों और एलडीआर से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रथम प्रयास में चयन से वंचित रहे एसएमसी अभ्यर्थियों को दूसरा अवसर दिया जाए। साथ ही लंबित सेवा और भर्ती मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटारा करने को कहा गया।
रोहित ठाकुर ने मल्टी टास्क वर्कर भर्ती की समीक्षा करते हुए बताया कि स्वीकृत 8,000 पदों में से 6,703 पद भरे जा चुके हैं। शेष रिक्त पदों को भी जल्द भरने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
बैठक में डॉ. वाईएस परमार डिजिटल विद्यार्थी योजना, डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना तथा प्रधानमंत्री पोषण योजना के सोशल ऑडिट की भी समीक्षा की गई। सभी जिलों को एक्शन टेकन रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा आपदा प्रभावित स्कूलों के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया।
शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के गैर-कार्यशील केंद्रीय स्कूलों को जल्द संचालित करने, विद्यालयों के लिए समयबद्ध मौसम परामर्श प्रणाली विकसित करने तथा भारत सरकार के शिक्षक पुरस्कार-2026 के प्रति अधिक से अधिक शिक्षकों को जागरूक करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।