7 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच स्वास्थ्य, शिक्षा, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) और समुद्री सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में करीब एक दर्जन महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। जकार्ता में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने इन समझौतों की जानकारी दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि भारत का प्रतिष्ठित आईआईएम बेंगलूरू (IIM Bangalore) इंडोनेशिया में अपना पहला विदेशी परिसर स्थापित करेगा। यह कैंपस ईस्ट जावा के सिंघासारी स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) में बनाया जाएगा। इससे न केवल इंडोनेशिया बल्कि पूरे आसियान (ASEAN) क्षेत्र के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय प्रबंधन शिक्षा का लाभ मिलेगा और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे। इससे पहले आईआईएम अहमदाबाद ने दुबई में अपना पहला विदेशी परिसर शुरू किया था।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण सहमति बनी। भारत के सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) और इंडोनेशिया की नेशनल एजेंसी ऑफ ड्रग एंड फूड कंट्रोल के बीच चिकित्सा उत्पादों के नियमन, वैश्विक मानकों के अनुरूप सहयोग और नियामकीय जानकारी के आदान-प्रदान को लेकर समझौता हुआ। इससे भारतीय दवाओं और चिकित्सा उत्पादों की इंडोनेशिया के बाजार तक पहुंच आसान होगी और वहां के लोगों को भारत की गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती दवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा दोनों देशों ने स्वास्थ्य पेशेवरों के सहयोग से जुड़ा एक कार्यान्वयन समझौता भी किया है। इसके तहत डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए फेलोशिप कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों की आवाजाही को बढ़ावा दिया जाएगा और भारत, इंडोनेशिया के डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों के क्षमता विकास में सहयोग करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा पर हैं। इंडोनेशिया उनकी यात्रा का पहला पड़ाव है। इसके बाद वह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, निवेश, रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करना है।